Judicial

Civil Judge

कोठारी इंस्टीट्यूट की पुस्तकों की श्रृंखला में I.P.C.1860-C.J. व ADPO जैसी प्रतियोगी परिक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। उपरोक्त पुस्तक में अपराध की परिभाषा, प्रकार तथा दण्डों के समावेश के साथ-साथ उस विषय पर उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णयों को भी शामिल किया गया है। सिविल जज व अन्य प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिये यह सहयोगी की भूमिका अदा करेगा।

भारतीय साक्ष्य अधि. (Indian Evidence Act.)

कोठारी इंस्टीट्यूट द्वारा प्रस्तुत पुस्तक में इस भारतीय साक्ष्य अधिनियम विषय को बहुत ही सरलता के साथ प्रदर्शित किया गया है तथा साक्ष्य की अवधारणा प्रकृति तथा उसकी ग्रहयता के नियमों को प्रमुख Case Law की सहायता से समझाया गया है तथा इस पुस्तक की विशेषता इलेक्ट्राùनिक साक्ष्य के ग्राह्यता के SC द्वारा बताये न्यायिक निर्णयों को शामिल करने से सिविल जज प्रतियोगियों के लिये इसकी महत्ता अत्यधिक बढ़ जाती है।

Contract Act.

भारतीय संविदा विधि पर कोठारी इंस्टीट्यूट की पुस्तक, Contract की परिभाषा, प्रकृति, संसूचना, जैसे मूलभूत सिद्धांतों को तो शामिल करती है, साथ ही इसमें संविदा के Enlish Law तथा Indian Law के बीच अन्तर को बहुत ही स्पष्ट तरीके से उदाहरणों के साथ समझाया गया है। यह पुस्तक M.P. सिविल जज प्रतियोगी छात्रों को ना केवल मध्यप्रदेश बल्कि राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड तथा बिहार न्यायिक सेवा की जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम है। साथ ही इस पुस्तक में, धारा 55 की S.C. कोर्ट द्वारा दी गई नई व्याख्या को भी शामिल किया गया है, जिसमें अचल सम्पत्ति की संविदा में समय के महत्व पर प्रकाश डाला गया है।

C.P.C.

सिविल प्रक्रिया संहिता पुस्तक कोठारी इंस्टीट्यूट की एक अनुपम कृति है। प्रस्तुत पुस्तक विधि के एक प्रमुख विषय से सम्बन्धित है, जिससे लगभग हर छात्र घबराता है। प्रस्तुत पुस्तक में CPC की सारभूत सिद्धांतों तथा प्रक्रियात्मक प्रक्रिया के समायोजन को उदाहरणों द्वारा समझाया गया है तथा अत्यन्त ही सरल रूप में इस कठिन विषय को समझाया गया है। विधि के इस महत्वपूर्ण विषय पर पकड़ बनाने में यह पुस्तक परिक्षाओं के लिए बहुत उपयोगी होगी।